हिम्मत ही नहीं रही जब,
दिखाने को कुछ नया करके,
फायदा ही क्या है 'परचेत',
तब अफसानें बयां करके।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
मोहब्बत मे, आंखों मे भर आए आंसुओं को गिरने न देना 'परचेत', क्योंकि प्यार के आंसू ही रूह की खुराक होते हैं।
सुंदर
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