Tuesday, February 3, 2026

इश्क़-ए-सर्दी

मांग रही थी वो आज मुझसे 

मेरे प्यार का हलफनामा,

मौर्निग वाक पर जाती है जो

पहनकर, रोज मेरा ही गर्म पजामा।


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सलाह

तू खुद ही से इकबार रूबरू तो हो जा, फिर जो कहना है, उसे आलेख लेना, अरे वो, कश्ती के मुसाफिर, उतरने से पहले, एकबार समन्दर तो जाकर देख लेना।