मांग रही थी वो आज मुझसे
मेरे प्यार का हलफनामा,
मौर्निग वाक पर जाती है जो
पहनकर, रोज मेरा ही गर्म पजामा।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
मांग रही थी वो आज मुझसे मेरे प्यार का हलफनामा, मौर्निग वाक पर जाती है जो पहनकर, रोज मेरा ही गर्म पजामा।
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