इश्क़-ए-सर्दी

मांग रही थी वो आज मुझसे 

मेरे प्यार का हलफनामा,

मौर्निग वाक पर जाती है जो

पहनकर, रोज मेरा ही गर्म पजामा।


Comments

Popular posts from this blog

यूं भी बावफा होते है लोग !

धार्मिक भावनाएं क्या हुई, कोई छुई-मुई हो गई !

'नारी' की चिंता में दुबले कुछ ब्लॉगर मित्र !