अब और कहां तक होगी इससे भी बदसूरत ज़्यादा,
जिंदगी, तू जिंदा कम नजर आती है, मूरत ज्यादा।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
तुम्हें पाने की चाह में मुद्दतों बैठे रहे हम, तुम्हारे बाप के पास, घंटों पैर दबाए मगर क्या मजाल कि बुड्ढे को हुआ हो जरा भी एहसास।
यही सत्य है | राम नाम जैसे |
ReplyDelete🙏🙏
ReplyDeleteजिंदगी, तू जिंदा कम नजर आती है
ReplyDeleteओह
🙏🙏
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