Friday, December 26, 2025

सलाह

दीवार सामर्थ्य की और तू फांद मत,

अपनी औकात में रह, हदें लांघ मत,

संवेदनाएं अगर जिंदा रहे तो अच्छा है,

बेरहम बनकर उन्हें खूंटी पे टांग मत।

1 comment:

  1. आप दोस्त की तरह समझाते है कि ताकत दिखाने से पहले अपनी सीमा पहचानो। मैं इसमें घमंड के खिलाफ साफ चेतावनी देखता हूँ। दीवार फांदने की हड़बड़ी अक्सर इंसान को गिरा देती है। लेखक संवेदनाओं की बात करके बात को और गहरा बना देता है।

    ReplyDelete

Straight!

Don't be confused, among peace, harmony  or war,  conflict, chaos, one among them  you have to choose,  two things are  only available r...