Friday, April 23, 2010

एक जरूरी पोस्ट, खासकर महिलाओं के लिए !

यों तो इस विषय पर अंगरेजी में नेट पर काफी जानकारी उपलब्ध है, साथ ही हमारे देश के अंगरेजी समाचार पत्रों में भी इसके बारे में छप चुका है ! मगर हिन्दी में इसके बारे में ढूँढने पर मुझे कुछ भी हासिल नहीं हुआ ! ( हो सकता है क़ि इस बारे में मैं गलत हूँ, मगर सच में मुझे ऐसी कोई जानकारी नेट पर नहीं दिखी ) फिर भी सोचा क़ि इसके बारे में हिंदी में भी जानकारी अपने ब्लॉग पर उपलब्ध कराऊं ! यह मुंबई पुलिस बल के एक सदस्य द्वारा मूलतः अंगरेजी में मेल से भेजा गया है ! आप लोगो से अनुरोध है क़ि इस जानकारी को सब लोग अपने जानने वालों, खासकर अपनी पत्नी, बहनों, बेटियों, भतीजियों, माँ, महिला मित्रों और सहकर्मियों के साथ साझा करें !

एक पेट्रोल पंप पर, एक आदमी आया और उसने कार में पेट्रोल भरवाती एक महिला को अपना परिचय एक चित्रकार के रूप में देकर अपनी सेवाओं की पेशकश की , और उस महिला को अपना बिजनेस / विजिटिंग कार्ड थमाया ! उस महिला ने कुछ नहीं कहा. लेकिन सरासर आग्रह और आदरपूर्ण ढंग से पकडाए गए उस कार्ड को उसने स्वीकार किया और अपनी कार के डैशबोर्ड पर रख दिया! इसके बाद वह आदमी एक अन्य व्यक्ति के द्वारा संचालित कार में जा बैठा !

जब वह औरत ड्राइव करते हुए पेट्रोल पम्प से बाहर निकली तो उसने देखा क़ि वे दोनों पुरुष भी पीछे से उसकी गाडी को अपनी गाडी से फ़ॉलो करते हुए उसके पीछे-पीछे आ रहे है ! उसे चक्कर आना शुरू हो गया और उसकी सांस गले में अटकने लगी ! उसने कार की खिड़की खोलने की कोशिश की तो महसूस किया कि उसके हाथ पर गंध था, यह वही हाथ था जिससे उसने उस व्यक्ति से सर्विस स्टेशन पर कार्ड लिया था !


उसने देखा क़ि वे दोनों पुरुष एकदम उसके पीछे आ गए तो उसे खतरे का पूर्ण अहसास हो गया, दिमाग में एक अंतिम प्रयास की बात सूझी और उसने गाडी सर्विस लेंन में घुसा कर सहायता के लिए लगातार होर्न बजाना शुरू कर दिया! यह देख दोनों व्यक्ति भाग खड़े हुए! लेकिन महिला को पूर्ण होश में आने में काफी वक्त लगा ! और जाहिरसी बात है क़ि उस कार्ड पर लगा पदार्थ उसे गंभीर रूप से घायल भी कर सकता था !

इस दवा का नाम है '' BURUNDANGA ",(ज्यादा लोगो को इसकी जानकारी नहीं है ) और यह उन असामाजिक तत्वों द्वारा प्रयोग किया जा रहा है जो अपने शिकार को अशक्त बनाकर चोरी, अपहरण और अन्य किसी लाभ के लिए इस्तेमाल करते हैं ! यह दवा बेहोशी की दवा से चार गुना अधिक खतरनाक है और एक साधारण कार्ड या कागज पर आसानी से हस्तांतरित की जा सकती है ! इसलिए कृपया ध्यान रखे और सुनिश्चित करें कि जब आप सड़कों पर अकेले हों तो किसी भी अनजान से कार्ड अथवा कोई कागज़ स्वीकार न करें ! यहाँ तक क़ि जब आप घरों में भी हों तो यह सुनिश्चित करें क़ि कोई भी आकर किसी प्रकार की सेवा की पेशकश करते हुए आपको कोई कार्ड अथवा कागज न पकडाए !

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burundanga क्या है?

बुरुन्दंगा, scopolamine दवा का सड़कछाप संस्करण है! यह नाईट शेड परिवार के पौधों जैसे हेनबैन और जिम्शंबीन जैसे पौधों उत्खनन से बना है !

यह एक deliriant है, जिसका अर्थ है भटकाव जैसे प्रलाप के लक्षण उत्पन्न करना, स्मृति खो देना, मतिभ्रम और व्यामोह! अत: आप देख सकते हैं क़ि क्यों यह अपराधियों के लिए लोकप्रिय है ! पाउडर के रूप में आसानी से scopolamine खाद्य या पेय पदार्थों में मिलाकर , या 'पीड़ितों के चेहरे पर सीधे उड़ाकर उनकी साँस के साथ मिलाया जा सकता है! दवा तुरंत मस्तिष्क और मांसपेशियों में बाधा तंत्रिका आवेगों के संचरण के द्वारा "zombifying प्रभाव" उत्पन्न करती है !
अत: आप सभी से अनुरोध है क़ि खुद भी जागरूक बने और इसके बारे में लोगो को भी बताकर जागरूक करे !
धन्यवाद !

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24 Comments:

Blogger अजित गुप्ता का कोना said...

यह तो सभी के लिए उपयोगी है। यात्रा करते समय अभी तक लोग बिस्किट खिलाकर यात्रियों को लूटते रहें हैं,अब तो और भी आसान हो गया है।

Friday, 23 April, 2010  
Blogger Sulabh Jaiswal "सुलभ" said...

अपराधियों के लिए आसान तरीका है ये. विस्तृत जानकारी देने के लिए शुक्रिया.

Friday, 23 April, 2010  
Blogger विजयप्रकाश said...

जानकारी के लिये धन्यवाद

Friday, 23 April, 2010  
Blogger Arvind Mishra said...

जानकारी देने के लिए शुक्रिया.

Friday, 23 April, 2010  
Blogger दिनेशराय द्विवेदी said...

गोदियाल जी, जानकारी के लिए धन्यवाद।

Friday, 23 April, 2010  
Blogger Unknown said...

बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने गोदियाल जी!

इस जानकारी से बहुत लोगों का भला होगा।

Friday, 23 April, 2010  
Blogger tension point said...

गोदियाल जी लगता है जहर खुरानी वाले धंधे में अब कारों वाले भी शामिल होने लगे | सावधान करने के लिए धन्यवाद

Friday, 23 April, 2010  
Blogger M VERMA said...

सावधान करने के लिये शुक्रिया
पुरूषो के लिये भी सावधानी चाहिये ही

Friday, 23 April, 2010  
Blogger rashmi ravija said...

यह जानकारी सिर्फ महिलाओं के लिए ही क्यूँ,पुरुषों के लिए भी उतनी ही जरूरी है..वे भी शिकार हो सकते हैं...शुक्रिया...

Friday, 23 April, 2010  
Blogger स्वप्न मञ्जूषा said...

यह तो बहुत ही अच्छी जानकारी आपने दी है गोदियाल जी...
आपका हृदय से धन्यवाद....

Friday, 23 April, 2010  
Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपके खोजपरक दृष्टिकोण के कायल हैं!

Friday, 23 April, 2010  
Anonymous Anonymous said...


अद्भुत जानकारी,
देख तेरे सँसार की क्या हालत हो गयी, भगवान ।

Friday, 23 April, 2010  
Blogger ताऊ रामपुरिया said...

बहुत ही उपयोगी जानकारी दी आपने. ब्लागिंग के महत्वपूर्ण फ़ायदों मे से एक, बहुत आभार आपका.

रामराम.

Friday, 23 April, 2010  
Blogger परमजीत सिहँ बाली said...

जानकारी देने के लिए शुक्रिया.

Friday, 23 April, 2010  
Blogger Pt. D.K. Sharma "Vatsa" said...

अरे! कमाल है ऎसा भी होता है...आजकल के अपराधी भी न जाने अपराध के कैसे कैसे तरीके खोज निकाल लेते हैं!
बढिया जानकारी के लिए धन्यवाद!

Friday, 23 April, 2010  
Blogger राज भाटिय़ा said...

इन गुंडो का दिमाग गलत कामो मै चलता है, क्यो नही यह मेहनत कर के इज्जत की खाते...
आप का धन्यवाद इस सुंदर जानकारी के लिये

Saturday, 24 April, 2010  
Blogger Taarkeshwar Giri said...

Godiyal ji,Pranam.

Ye jankari sirf mahilawo ke liye hi nahi apitu Purusho ke liye bhi bahut upyogi hai.

Thanks

Saturday, 24 April, 2010  
Blogger गिरिजेश राव, Girijesh Rao said...

किसी जासूसी उपन्यास में पढ़ा था शायद ..एक पात्र हाथों में पारदर्शी दस्ताने पहन कर उस पर पोटैशियम सायनायड लगा लेता था। जिसे मारना होता था उससे हाथ मिलाता था। ..दो तीन ऐसी मुलाकातों के बाद जब कभी शिकार जाने अनजाने मुँह से हाथ का स्पर्श करता था तो ..तो...तो ....
अच्छी जानकारी है। सतर्क रहने में बुराई नहीं।

Saturday, 24 April, 2010  
Blogger ZEAL said...

Good Info...Thanks.

Glad to see you care for women more .

Smiles.

Saturday, 24 April, 2010  
Blogger Anil Pusadkar said...

बहुत अच्छी जानकारी दी गोदियाल जी।सतर्क रहने मे ही भलाई है।

Saturday, 24 April, 2010  
Blogger vandana gupta said...

बहुत ही काम की जानकारी दी है और सभी के लिये उपयोगी है फिर चाहे महिला हों , बच्चे हों या पुरुष्……………आपका हार्दिक शुक्रिया।

Saturday, 24 April, 2010  
Blogger रेखा श्रीवास्तव said...

bahut bahut dhanyavaad ! aisi jaanakari dekar aapne bahuton ko saavadhan kiya hai. isase bhi sahaj tarike se log apaharan tak kar rahe hain. lekin aisi jaankari sab ko nahin mil pati hai.

Saturday, 24 April, 2010  
Blogger roshan said...

Aapne ye information de kar bahot achcha kaam kiya
Aapka bahot bahot Dhanyawaad

Saturday, 23 July, 2016  
Blogger roshan said...

Aapne ye information de kar bahot achcha kaam kiya
Aapka bahot bahot Dhanyawaad

Saturday, 23 July, 2016  

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