Sunday, February 13, 2011

कार्टून कुछ बोलता है- विदेश मंत्री की सफाई !

विदेश मंत्री कृष्णा ने संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की बजाये पुर्तगाल के मंत्री का भाषण पढ़ा !



अरे, आलोचना करने के बजाय मेरा शुक्रिया अदा करो कि
मैंने पुर्तगाल के मंत्री का ही भाषण पढ़ा, वरना मेरे आगे टेबल पर
तो पाकिस्तान और चीन के मंत्रियों के भी भाषण पड़े हुए थे !

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19 Comments:

Blogger Yugal said...

इससे पता चलता है की मंत्री जी देश का पैसा बिगाड़ कर सिर्फ भाषण की ओपचारिकता पूरी करने गए थे

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger ललित शर्मा said...

एक ही उल्लु काफ़ी है :)

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून said...

हा हा हा
इस देश में कुछ भी हो सकता है

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger Yashwant R. B. Mathur said...

युगल जी ने ठीक कहा.

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger Arun sathi said...

हां भाई मेरी ओर से शुक्रीया ही, की पाकिस्तान और चीन का नहीं पढ़ा....इतने ही गैर जिम्मेवार है अपनी सरकार और उनके लोग..........

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger प्रवीण पाण्डेय said...

यूनान भी हमारी तरह सीधा साधा देश है।

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

चलिये ये तो पता चला कि भारत और यूनान में कितनी समानता है.

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger राज भाटिय़ा said...

अजी यह अकल तो अपनी बेबे के पास छोड गया था,

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger vijai Rajbali Mathur said...

एस.एम्.कृष्णासा : ने यूनान का नहीं पुर्तगाल का भाषण पढ़ा था.हमारे नेताओं को जल्दी बोलने की आदत होती है इसलिए बेचारे मंत्री जी जल्दी-जल्दी में पुर्तगाली भाषा बोलते हुए भी नहीं समझे की वह गलती कर रहे हैं.

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

गलती की तरफ ध्यान आकर्षित करने हेतु आपका आभार माथुर साहब. भूल सुधार कर दी !

मैं भी अपने विदेश मंत्री से कुछ कम नहीं :)

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger Sunil Kumar said...

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा .....

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger कविता रावत said...

bahut badiya!!

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger Sushil Bakliwal said...

काम तो निबटा ही आए...

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger kunwarji's said...

bhai vaah.....

kunwar ji,

Sunday, 13 February, 2011  
Anonymous Anonymous said...

भारत की नाक कटवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है!

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger  डॉ. मोनिका शर्मा said...

बहुत दुःख होता है ऐसी घटनाओं से..... अफसोसजनक

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger चंद्रमौलेश्वर प्रसाद said...

ये हैं हमारे देस के करणाधार :)

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger संजय @ मो सम कौन... said...

गोदियाल जी, पढ़ दिया ये क्या कम उपलब्धि है?

Sunday, 13 February, 2011  
Blogger Smart Indian said...

धन्य हैं "हमारे" नेताजी - वसुधैव कुटुम्बक!
लिपि रोमन थी सो पढ पाये - देवनागरी होती तब तो रह ही जाता।

Monday, 14 February, 2011  

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