महोदय, किसी भी सभ्यता की समय-तालिका अथवा वर्ष-तालिका का सम्मान रखते, विश्व में इसवी सन दिनांक 21-12-2012 अभी पूर्ण नहीं हुयी । कुछ राष्ट्रों में अभी अभी ही सूर्योदय हुआ है और अगले कुछ कलाको तक कोई ना कोई भू भाग में लगातार सूर्योदय होता रहेगा। इसके पश्चात सूर्यास्त और तत्पश्चात रात्रि के 12.01 बजे अ-प्रलय की पुष्टि संभव है । अ-प्रलय के चलते कुछ महत्वपूर्ण कार्य भी करने होंगे, अब आपको तो अनुमान होगा इस बात का । कृपया धैर्य रखे और आस्था-प्रार्थना बनाये रखें ।
ऐसा कुछ भी ख़ास है नहीं बताने को, अपने बारे में ! बस, यों समझ लीजिये कि गुमनामी के अंधेरो में ही आधी से अधिक उम्र गुजार दी !हाँ, अपनी बात कुछ भगत सिंह जी के अंदाज में इस तरह कहूंगा ;
इन बिगड़े दिमागों में, ख्वाबों के कुछ लच्छे हैं,
हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।
साभार,
गोदियाल
My humble request is to kindly ignore the typographical errors.
My fondest wish is to inspire someone else to write something even better than I have done.
Look forward to receiving your creative suggestions.
regards,
Godiyal
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9 Comments:
दोनों समझ कर पढ़ ली
@ संदीप पवाँर (Jatdevta):
शुक्रिया, आभार !
महोदय, किसी भी सभ्यता की समय-तालिका अथवा वर्ष-तालिका का सम्मान रखते, विश्व में इसवी सन दिनांक 21-12-2012 अभी पूर्ण नहीं हुयी । कुछ राष्ट्रों में अभी अभी ही सूर्योदय हुआ है और अगले कुछ कलाको तक कोई ना कोई भू भाग में लगातार सूर्योदय होता रहेगा। इसके पश्चात सूर्यास्त और तत्पश्चात रात्रि के 12.01 बजे अ-प्रलय की पुष्टि संभव है । अ-प्रलय के चलते कुछ महत्वपूर्ण कार्य भी करने होंगे, अब आपको तो अनुमान होगा इस बात का । कृपया धैर्य रखे और आस्था-प्रार्थना बनाये रखें ।
@uchchairghosh :
ढाढस बंधाने हेतु आभार सर जी :)
तेल की धार तो जगह पर ही गिरी है..
फिर तो कालिए के लिए प्रलय निश्चित है। :)
बढ़िया लेखन, बधाई !!
तारीख पे तारीख...
हा हा ... कालिया तो गया ...
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