Thursday, August 8, 2013

नया दौर !

बड़े-बड़ों के हौंसले, सियासत की चौखट पर डिग जाते है,
खुदा मेहरबां हो तो सर पे गधों के भी ताज टिक जाते है।  
वो दुप्पट्टे, वो चुनर, गँवा लेती हैं जिनको लुटी अस्मतें,  
जनपथ की फुटपाथ-हाट पे अकसर, वो भी बिक जाते हैं।  


























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7 Comments:

Blogger प्रवीण पाण्डेय said...

नाम करेगा रोशन,
सबका होगा शोषण

Thursday, 08 August, 2013  
Blogger Shah Nawaz said...

बिलकुल सही!

Thursday, 08 August, 2013  
Blogger पूरण खण्डेलवाल said...

बिलकुल सही कहा है !!

Thursday, 08 August, 2013  
Blogger कालीपद "प्रसाद" said...


गोदियाल जी बिलकुल क्लासिक कार्टून है !
latest post नेताजी सुनिए !!!
latest post: भ्रष्टाचार और अपराध पोषित भारत!!

Thursday, 08 August, 2013  
Blogger देवेन्द्र पाण्डेय said...

सही है..

Thursday, 08 August, 2013  
Blogger ताऊ रामपुरिया said...

गधों पर ताज टिकाने की कोशीश जारी है.

रामराम.

Thursday, 08 August, 2013  
Blogger Harihar (विकेश कुमार बडोला) said...

बहुत बढ़िया।

Sunday, 11 August, 2013  

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