Saturday, October 12, 2019
About Me
- Name: पी.सी.गोदियाल "परचेत"
- Location: New Delhi, Delhi, India
ऐसा कुछ भी ख़ास है नहीं बताने को, अपने बारे में ! बस, यों समझ लीजिये कि गुमनामी के अंधेरो में ही आधी से अधिक उम्र गुजार दी !हाँ, अपनी बात कुछ भगत सिंह जी के अंदाज में इस तरह कहूंगा ; इन बिगड़े दिमागों में, ख्वाबों के कुछ लच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं। साभार, गोदियाल My humble request is to kindly ignore the typographical errors. My fondest wish is to inspire someone else to write something even better than I have done. Look forward to receiving your creative suggestions. regards, Godiyal xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
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10 Comments:
राजनीति है सर्।
ये कुछ भी करवाती है।
नई पोस्ट पर स्वागत है आपका 👉🏼 ख़ुदा से आगे
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (15-10-2019) को "सूखे कलम-दवात" (चर्चा अंक- 3489) पर भी होगी। --
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना 16 अक्टूबर 2019 के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद
दोगलेपन को राजनीति की एक अर्हता समझने में कोई भूल नहीं है
बहुत खूब
शानदार प्रहार करता सार्थक लेख।
बहुत खूब...
सही में
बहुत अच्छा लेख है Movie4me you share a useful information.
very useful information.gsss mohal very very nice article
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