दिल्ली-एनसीआर
ये दिल्ली-एनसीआर,
अजीब शहर है यार।
सिर्फ़ प्रदूषण अखण्ड,
बाकी सब खण्ड-खण्ड।
राजस्थानी रेत तपे, पडे गर्मी,
पहाड़ों मे हिम पडे तो ठंड।
बरसात मे चौतरफ़ा सैलाब,
तुनकमिजाज आफ़ताब ।
सर्दियों मे धुंध प्रचण्ड,
गर्मियों की लू झण्ड ।
कडक जुबां,
सडक व्यापार,
सिर्फ और सिर्फ
पैसों का प्यार।
ये दिल्ली-एनसीआर,
अजीब शहर है यार।।
अजीब शहर है यार।
सिर्फ़ प्रदूषण अखण्ड,
बाकी सब खण्ड-खण्ड।
राजस्थानी रेत तपे, पडे गर्मी,
पहाड़ों मे हिम पडे तो ठंड।
बरसात मे चौतरफ़ा सैलाब,
तुनकमिजाज आफ़ताब ।
सर्दियों मे धुंध प्रचण्ड,
गर्मियों की लू झण्ड ।
कडक जुबां,
सडक व्यापार,
सिर्फ और सिर्फ
पैसों का प्यार।
ये दिल्ली-एनसीआर,
अजीब शहर है यार।।

5 Comments:
आभार, अनीता जी।
बहुत खूब ,दिल्ली का बिलकुल सही चित्रण ,सादर नमन
🙏 आभार।
वाह सही सही ।
आभार।
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