Sunday, February 7, 2021

एकाकीपन का सबब..

मत पूछ मुझसे, इस ढलती हुई उम्र के 

मेरे एकाकीपन का सबब, ऐ जिन्दगी !

बस, यूं समझ कि यह सब तेरे कर्ज की 

अगली किश्त अदाइगी़ की जद्दोजहद है।

3 Comments:

Blogger शिवम कुमार पाण्डेय said...

वाह।
बेहतरीन।👌

Sunday, 07 February, 2021  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

आपका तहेदिल से आभार, शिवम जी।🙏

Sunday, 07 February, 2021  
Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत खूब।

Monday, 08 February, 2021  

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