प्रश्न
फिरकापरस्ती एंव सियासी चाल के
जहां असंख्य मुरीद हों ऐसे,
गणतंत्र किसान ट्रैक्टर परेड की आढ मे
लालकिले के दीद हों ऐसे,
फिर तो सोचते ही रहो 'परचेत' कि
देश-हित के फैसले मुफी़द हों कैसे।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
3 Comments:
बेबाक और सटीक।
Bahut khoob
वाह।
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