Saturday, January 31, 2026

अधूरी हसरत

दिलों की हसरत, मिलन की चाहत, न तो इबादत ही रंग लाई 

और न  ही दिल की दुआ ,

हो जाता मिलन अचानक हमारा भी किसी मोड़ पर 'परचेत,' 

कभी ऐसा इत्तेफाक न हुआ।

1 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

वाह

Monday, 02 February, 2026  

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