Friday, March 11, 2011
About Me
- Name: पी.सी.गोदियाल "परचेत"
- Location: New Delhi, Delhi, India
ऐसा कुछ भी ख़ास है नहीं बताने को, अपने बारे में ! बस, यों समझ लीजिये कि गुमनामी के अंधेरो में ही आधी से अधिक उम्र गुजार दी !हाँ, अपनी बात कुछ भगत सिंह जी के अंदाज में इस तरह कहूंगा ; इन बिगड़े दिमागों में, ख्वाबों के कुछ लच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं। साभार, गोदियाल My humble request is to kindly ignore the typographical errors. My fondest wish is to inspire someone else to write something even better than I have done. Look forward to receiving your creative suggestions. regards, Godiyal xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx
Previous Posts
- खोखली मूछों के आगे बेवश नारी !
- ऑल इंडिया लवर्स पार्टी !
- अजनबियों पर यूं न इस तरह तुम !
- सावधान ! यह ब्लॉग्गिंग और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता...
- कार्टून कुछ बोलता है-और ये रहा छक्का ... बौन्ड्री ...
- साकी को न जब तलक,इस बात का मलाल होगा !
- शारदा !
- wife is the subject matter of solicitation.
- मुस्लिम भाइयों से एक सवाल !
- क्या अहम् है,खबर की जानकारी या फिर आपका स्वास्थ्य ?
Subscribe to
Posts [Atom]
7 Comments:
साबुन की चमकार सफेदी लाये धारदार.
वाह!
कार्टून बहुत गहरे. अर्थ रखता है
बढ़िया कार्टून!
ऒए मन भाग... जल्दी.. होर तेज कर ना... वो देख बाबा राम देव पीछे पड गया हेंगा
बहुत सटीक आईडिया आया है आपको भी.:) बेचारे बुरे फ़ंस गये.
रामराम
बहुत अच्छा लगा यह कार्टून.a
बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home