क्षणिकाएं -मैंगो पीपुल ऑफ़ बनाना रिपब्लिक '
खट्टे-मीठे, रसीले,
सख्त और पितपिते,
अफ़सोस कि
सबके सब गए बिक,
सबके सब गए बिक,
'मैंगो पीपुल ऑफ़
बनाना रिपब्लिक ' !!
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गुरू ने शिष्य से कहा;
सिद्ध करो देकर तर्क,
गरीब और अमीर
भिखमंगे के बीच का फर्क !
शिष्य ने कहा ;
मुझे अच्छी तरह है याद,
एक करबद्ध होकर
जन-मानष के दर
रोज पहुचता है
और एक पांच साल बाद !
गरीब भिखमंगा लाचार,
भीख मांगते हुए शर्मशार होता है,
जबकि अमीर भिखमंगा
बेशर्म, मक्कार और गद्दार होता है !!
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12 Comments:
सटीक प्रस्तुति ||
अमीर भिखमंगा
कुटिल,बेशर्म और गद्दार होता है !!
बहुत खूब .. सटीक
गुरु के शिष्य का प्रयास और वर्णन सराहनीय है |
बहुत सही कहा, ये बहुत बड़े वाले भिखारी हैं, भगवान बचाए अब तो इनसे....
dono hee gazab kee chot karne wali....ekdum sateek
बहुत सुन्दर शब्द चित्र!
बहुत सुन्दर बात कही है श्रीमान गोदियाल साहब..
निशान और निशाना,दोनों ही हृदय पर लगते हैं...
पर हम किसी की लाचारी और किसी की कुटीलता नहीं समझ पाते ..
सटीक कटाक्ष ।
मजे की बात यह है की भीख मांगना दोनों की मज़बूरी है...........
सुंदर क्षणिकाएं..............
बहुत अच्छे... सटीक
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