Wednesday, May 1, 2013

कार्टून कुछ कहता है - प्रजातंत्र की याद में !


10 comments:

  1. आते ही धमाका ... इतने दिनों बाद आए ओर सटीक निशाना ...

    ReplyDelete
  2. सटीक स्मारिका!

    ReplyDelete
  3. सच में..किस-किस का लिखते..किस-किस का छोड़ते...लिखकर हटते तो एक नया नाम आ जाता....जिसका नाम छोड़ देते ..वो आपसे अलग नाराज हो जाता....बढ़िया किया जो किसी का नाम नहीं लिखा..

    ReplyDelete
  4. घोटालेबाजों का नाम खुदवाने के लिए अपर्याप्‍त दीवार स्‍थल।

    ReplyDelete
  5. बहुत मजबूत गेट ..

    ReplyDelete

ए दुनियांदारी है कि होती नहीं टस से मस , जिधर झांको निन्यानबे का ही फेर है, बस, तीन सौ पैंसठ दिन यूं ही चलती है जिन्दगी, आज बडा दिन ह...