Friday, January 9, 2026

खुदानाखास्ता

गैर समझा करते थे जिन्हें हम,

दिल ने उन्हें कुछ इसतरह अपनाया,

दूर भाग खड़ी हुई तन्हाई हमसे,

हम अकेले को जब मिला हमसाया ।


फिर वो हमसाया कुछ यूं हमें भाया,

तमाम जिंदगी की पलट गई काया,

जिन परछाइयों से डरते थे कभी हम,

आखिर,उन्हीं परछाइयों ने हमें अपनाया।

 

1 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

सुंदर

Sunday, 11 January, 2026  

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