माँ ने कहा सत्ता जहर की तरह है, और भारत के लोग मेरी जान है:- राहुल गांधी
जयपुर में चल रहे कौंग्रेस के "चिंतन शिविर" में कांग्रेस के "युवा" नेता और ताजा-ताजा बने कॉग्रेस के उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधी ने अपने भाषण में दो महत्वपूर्ण बातें कही; "माँ ने कहा सत्ता जहर की तरह है, और भारत के लोग मेरी जान है। ",
मेरे हिसाब से जो कुछ इस देश के लोगों ने पिछले 9-10 सालों में इस देश में देखा, उस आधार पर तो मैं यही कहूंगा कि अगर इस देश के लोगों में जागरूकता और सजगता नाम की कोई चीज लेस मात्र भी बाकी है तो उन्हें राहुल गांधी को अब विनम्रता से यही जबाब देना चाहिए कि आपकी उपरोक्त बातों को सर-आँखों पर रखते हुए हम आपसे यही गुजारिश करेंगे कि चूँकि जैसा कि आपने खुद ही कहा है कि भारत के लोग आपकी जान है, और सत्ता जहर है, तो आप कृपा करके "अपनी जान" ( भारत के लोगों ) की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह जहर ( सत्ता) कदापि ग्रहण न करे, क्योंकि आपकी "जान" बेश-कीमती है भारत के लोग इसे अब और जोखिम में नहीं डालना चाहते।
मेरे हिसाब से जो कुछ इस देश के लोगों ने पिछले 9-10 सालों में इस देश में देखा, उस आधार पर तो मैं यही कहूंगा कि अगर इस देश के लोगों में जागरूकता और सजगता नाम की कोई चीज लेस मात्र भी बाकी है तो उन्हें राहुल गांधी को अब विनम्रता से यही जबाब देना चाहिए कि आपकी उपरोक्त बातों को सर-आँखों पर रखते हुए हम आपसे यही गुजारिश करेंगे कि चूँकि जैसा कि आपने खुद ही कहा है कि भारत के लोग आपकी जान है, और सत्ता जहर है, तो आप कृपा करके "अपनी जान" ( भारत के लोगों ) की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह जहर ( सत्ता) कदापि ग्रहण न करे, क्योंकि आपकी "जान" बेश-कीमती है भारत के लोग इसे अब और जोखिम में नहीं डालना चाहते।
Labels: TirchiNazar
12 Comments:
बहुत बढ़िया विषय है आदरणीय ||
शुभकामनायें -
जहरखुरानी में मरें, होवे एक्सीडेंट |
जोखिम में यह जान है, उखड़े तम्बू टेंट |
उखड़े तम्बू टेंट, रेंट की खातिर बन्दे |
बिन मांगे मिल जाए, झोलियाँ भर भर चंदे |
जनता माँ की जान, जहर सी सत्ता रानी |
दे बेटे को सौंप, होय ना जहर-खुरानी ||
दोनों व्यान अपनी जगह पर सही है,,,
recent post : बस्तर-बाला,,,
बिलकुल सही कहा आपने.... सहमत हूँ...
:-)
कटाक्ष भरा व्यंग्य !
बहुत खूब गोदियाल जी..
ओके
सत्ता की डगर निश्चय ही कठिन है, शेर पर बैठ कर उतरने में डर रहता है।
आगे आगे देखिये होता है क्या ...
जल्द ही आपकी आवाज बाबा के कानों तक पहुंचनी चाहिए वरना अपना मरना तय है...
अच्छी रचना है अंधड़ पर विष -माता
एक और पाकिस्तान बनवाने की ओर .......
मनमोहन सिंह देश के संशाधनों पर पहला हक़ मुसलमानों का बतलाते हैं .राहुल गांधी हिन्दू आतंकवाद को जिहादी (इस्लामिक )आतंकवाद से ज्यादा खतरनाक बतला चुकें हैं .अब आरक्षित कोटे के
गृह मंत्री राष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्था आर एस एस और भाजपा को हिन्दू आतंकी संगठन 'अभिनव भारत' का प्रशिक्षण स्थल बतलाते हैं .
भारत धर्मी समाज को जिसमें सभी कौमें शामिल है 'हिन्दू' में सीमित करना फिर उसे आतंकी बतलाना .पाकिस्तान को शह देना है .भारत में आतंकियों की 'स्लीपिंग सेल्स' को उकसाना है .
एक बड़ा हिस्सा देश का पाकिस्तान को दिया जा चुका है .मज़हबी आधार पर ही हुआ था आधा अधूरा विभाजन .शिंदे एक और विभाजन चाहते हैं .इस विभाजन की प्रक्रिया को पूर्णता की और ले
जाना चाहते हैं .
एक मंदमति बालक की पीठ पर कांग्रेस उपाध्यक्ष का ठप्पा लगाके ये लोग क्या सिद्ध करना चाहते हैं ?
वह वक्र मुखी भोपाली बाज़ीगर इन्हें भड़का रहा है .कहता है मुझे तो लोग पागल कहते हैं जबकि मैंने तो यह बात दस साल पहले ही कह दी थी ,आर एस एस आतंकी शरण स्थली है ,गृह मंत्री तो
अब
कह रहें हैं .
हैं!आतंकी , तो आप क्या कर रहें हैं ?साध्वी प्रज्ञा और कई अन्यों को किस धारा में बिना बात बंद किया हुआ है मामले को आगे क्यों नहीं बढाते ?कौन रोकता है ?साले सेकुलर कहीं के .
कल तक जो इंसान थे .,
आज सेकुलर हो गए .
माँ ने कहा सत्ता जहर है सही कहा यह जहर कांग्रेस की नस नस में फ़ैल चुका है .विष -माता सही कह रहीं हैं बेटे से झूठ भला क्यों बोलेंगी .
ये जहर तो पीना ही पडेगा.:)
रामराम.
बिलकुल सही लिखा है गोदियाल जी....अब इन्हें इस जहर से दूर ही रहना चाहिए !
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