Wednesday, January 16, 2013

तोबा-तोबा !











निराले तुम्हारे अंदाज 
हर रंज-ओ-गम, सिकवे-गिले में,
शायद यही वजह है 
जो वालिद ने तुम्हारे, 
कैद करके रखा तुमको किले में।   

ताज्जुब की बात है कि 

फिर भी दिल तुम्हारा चोरी हो गया,
मुझे  ऐसे हुआ मालूम कि 
शक की वीनाः पर पुलिस ने 
मेरे घर छापा डाला इसी सिलसिले में।।   


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8 Comments:

Blogger संजय भास्‍कर said...

बेहद सटीक... :)

Wednesday, 16 January, 2013  
Blogger दिगम्बर नासवा said...

वाह .. क्या बात है ...
छापा मारने की दिल उनका चोरी हो गया ...

Wednesday, 16 January, 2013  
Blogger भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

चोरी गयी चीज मिली या नहीं..

Wednesday, 16 January, 2013  
Blogger रविकर said...

क्षमा सहित -

इत्तिफाक से मिल गयी, नंगा झोरी होय ।

फोटो-कॉपी से मिला, यो ही छोरी होय ।

यो ही छोरी होय, रखे दिल-बड़ी तिजोरी ।

रही रोज अब धोय, पुलिस ने पकड़ी चोरी ।

यह अंधड़ घनघोर, झरे अब अश्रु आँख से ।

बसी कहाँ प्रियतमा, डरूं इस इत्तिफाक से ।।

Wednesday, 16 January, 2013  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

@भारतीय नागरिक - Indian Citizen:
तलाश जारी है............ :)

Wednesday, 16 January, 2013  
Blogger सूबेदार said...

नमस्ते जी
यथार्थ की अभिब्यक्ति बहुत ही अच्छी सटीक कबिता ने बयां किया है,

Wednesday, 16 January, 2013  
Blogger प्रवीण पाण्डेय said...

वाह, दिल आया भी तो किस पर।

Wednesday, 16 January, 2013  
Blogger रश्मि शर्मा said...

वाह...क्‍या बात है

Wednesday, 16 January, 2013  

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