...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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दरकार
मैं सो रहा हूं मर्जी के हिसाब से, मुझे अपनी मर्जी के हिसाब से जागना है, मत रुको मेरे लिए, ऐ ज़िन्दगी, तू भाग ले, जितनी तेजी से तुझे भागना ह...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...
यह पहली टिप्पणी भी खुद ही देना चाहूंगा कि भगवन का शुक्र मनाइये कि वो तो भारतीय सेना, फील्डमार्शल मानेकशा और उस जमाने के कुछ गिने -चुने ब्यूरोक्रेट्स थे जिन्होंने इस देश के संघटनात्मक ढाँचे में पाकिस्तान की तरह सैनिक दखलंदाजी की गुंजाइश नही छोडी, वरना तो आज के हमारे इन भ्रष्ट नेताओं ने इसे भी दूसरा पाकिस्तान बनाने में कोई कसर बाकी रख छोडी थी ?
ReplyDeleteपडोस का असर कुछ तो दोनों देशों में रहेगा ही,,,
ReplyDeleterecent post: मातृभूमि,
बिल्कुल सही कहा आपने, पर संगत का असर भी तो आता ही है ना.:)
ReplyDeleteरामराम.
आपने सही कहा , हमारे भ्रष्ट नेताओं, पाखंडी बाबा , मुल्ला मौलवी और ओवैसी जैसे आतंकवादियों ने देश बेचने का ठेका ले रखा है!
ReplyDeleteक्या बात है... तार मिले हुये हैं...
ReplyDeleteप्रभावशाली ,
ReplyDeleteजारी रहें।
शुभकामना !!!
आर्यावर्त (समृद्ध भारत की आवाज़)
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होड़ मची है,
ReplyDeleteलूट बिना गठजोड़ मची है।
बिल्कुल सच कहा है..
ReplyDeleteab ise chor chor ...bhai kahen ya sobhat ka asar ya..kuchh aur..lekin asr to hai..
ReplyDeleteसटीक ....
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