...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
सारा गुस्सा गधा ही तो झेलता है ..बहुत खूब ...
गधा है न !...खानदानी रवायत निभा रहा होगा !
वाह !!सबको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभेच्छा !!
बेचारा क्या करे -गधा ठहरा !
सच है, हर बार का यही रोना है।
हो वर्चस्व की यदि अंंतहीन जंग, उसे मरते दम तक कभी न हारो, भद्र-प्रतिद्वंद्वी, बर्ताव हो निश्छल, हो शत्रु कपटी, उसे होश से मारो। मरुधर जो उ...
सारा गुस्सा गधा ही तो झेलता है ..बहुत खूब ...
ReplyDeleteगधा है न !...खानदानी रवायत निभा रहा होगा !
ReplyDeleteवाह !!
ReplyDeleteसबको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभेच्छा !!
बेचारा क्या करे -गधा ठहरा !
ReplyDeleteसच है, हर बार का यही रोना है।
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