Monday, August 3, 2026

परिवेश

अफसोस, कि अब ये
कैसा ज़माना आ रहा है,
बोलने को तो गद्दार 
भूख हड़ताल पर बैठे हैं 
मगर, आनलाइन 
विदेशों से
वास्ते उनके, खाना आ रहा है।



4 Comments:

Blogger सुशील कुमार जोशी said...

गद्दार कहां भूख हड़ताल पर बैठे हैं? गद्दार तो मौज काट रिये हैं हजूर हा हा

Tuesday, 04 August, 2026  
Blogger Pammi singh'tripti' said...

आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 5 अगस्त 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

Tuesday, 04 August, 2026  
Blogger पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

🙏🙏

Wednesday, 05 August, 2026  
Blogger हरीश कुमार said...

👍👍👍

Saturday, 08 August, 2026  

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home