Friday, March 2, 2018

Thursday, March 1, 2018

बात संजो लो ये अपने जहन वंधुऔ,
सबको, 'हैप्पी होलिका दहन" वंधुऔ ।
क्या कोई दिनचर, क्या कोई निश्चर,
करना पडता है,सबको सहन वंधुऔ,
सबको, हैप्पी होलिका दहन वंधुऔ ।

उम्मीद।

हौंसला बनाए रख, ऐ जिंदगी,  'कोरोना' की अवश्य हार होगी, सूखे दरिया, फिर बुलंदियां चूमेंगे  और तू, फिर से गुलजार होगी। कौन ज...