Wednesday, September 5, 2012

कार्टून कुछ बोलता है - कोलमाल है भई सब कोलमाल है ......


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11 Comments:

Blogger कविता रावत said...

चलो तस्वीर ही सही बोलती तो है ..
बहुत बढ़िया प्रस्तुति

Wednesday, 05 September, 2012  
Blogger रविकर said...

दाने दाने को दिखा, कोयलांचल मुहताज ।
दान दून दे दनादन, दमके दिल्ली राज ।

दमके दिल्ली राज, घुटे ही करें घुटाला ।
बाशिंदों पर गाज, किसी ने नहीं सँभाला ।

नक्सल भी नाराज, विषैला धुवाँ मुहाने ।
धधके अंतर आग, लुटाते लंठ खदाने ।।

Wednesday, 05 September, 2012  
Blogger kunwarji's said...

@कविता जी-तस्वीर में भी कोयला और रुपये ही बोल रहे है.....

कुँवर जी,

Wednesday, 05 September, 2012  
Blogger दिगम्बर नासवा said...

वाह ... सच बोल रही है तस्वीर ...
बल्कि ज्यादा जवान बना रही है इन्हें ...

Wednesday, 05 September, 2012  
Blogger संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

:):)

Wednesday, 05 September, 2012  
Blogger वाणी गीत said...

बढ़िया !

Wednesday, 05 September, 2012  
Blogger शूरवीर रावत said...

तस्वीर का सच, देश का सच. और परिणति.....

Wednesday, 05 September, 2012  
Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बृहस्पतिवार (06-09-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ...!
अध्यापकदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Wednesday, 05 September, 2012  
Blogger देवेन्द्र पाण्डेय said...

कोलमाल शब्द ही बड़ा जानदार है। कार्टून तो खैर है ही।

Wednesday, 05 September, 2012  
Blogger सुशील कुमार जोशी said...

क्या कोल है दे रहा माल ही माल है
सब सही है कहीं नहीं कुछ गोलमाल है !

Thursday, 06 September, 2012  
Blogger लोकेन्द्र सिंह said...

बेशर्म सरकार है

Friday, 07 September, 2012  

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