राय

वर्तमान  तुम अपना व्यर्थ ही न गंवाना, उलझकर बातों में किसी भविष्यवेता के, बहकावे में कभी भी हरगिज़ मत आना, सड़कछाप, किसी दो कौड़ी के नेता के...