Saturday, July 1, 2017

ब्लॉगिंग दिवस !

जब मालूम हुआ तो कुछ ऐसे करवट बदली, जिंदगी उबाऊ ने,
शुरू किया नश्वर में स्वर भरना, सभी ब्लॉगर बहिण, भाऊ ने, 
निष्क्रिय,सक्रिय सब प्रयास करते, रसहीन ब्लॉग में रस भरने की,      
१ जुलाई, ब्लॉगिंग दिवस घोषित किया है, रामपुरिया ताऊ ने। :-)

जस दृष्टि, तस सृष्टि !

धर्म सृष्टा हो समर्पित, कर्म ही सृष्टि हो, नज़रों में रखिए मगर, दृष्टि अंतर्दृष्टि हो, ऐब हमको बहुतेरे दिख जाएंगे दूसरों के,  क्या फायदा, चि...