Thursday, June 3, 2010

जमाना !



सर  पे  बाल न हों तो 
फिजूल में कंघे नहीं लेना ,
आईने में उभरते
अपने ही अक्श का संज्ञान 

नंगे नहीं लेना ,
ज़माना सचमुच में 

बहुत खराब हो गया है ,
इसीलिये बेवजह  

किसी से पंगे नहीं लेना।  

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28 Comments:

Blogger Unknown said...

"सरे राह किसी को एक रूपये का सिक्का
भीख में देना चाहो,तो भिखमंगे नहीं लेते!"

सत्यवचन!

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) said...

"सरे राह किसी को एक रूपये का सिक्का
भीख में देना चाहो,तो भिखमंगे नहीं लेते!

भिखमंगे भी आजकल बहत स्टैण्डर्ड के हो गए हैं.....

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

lekin vote walon ke baare me kya kahenge..

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger राज भाटिय़ा said...

अजी हरिदुवार मैने मैने एक भिखारी को ५० पेसे का सिक्का दे दिया..... वो उसे मेरे मुंह पर मार कर चला गया....
इसीलिये हम आजकल किसी से पंगे नहीं लेते !!

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger M VERMA said...

इसीलिये हम आजकल किसी से पंगे नहीं लेते !!
आपके पंगे न लेने से क्या होगा, हम पंगे तो लेंगे ही.
सुन्दर रचना

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger अजित गुप्ता का कोना said...

किसी से पंगा नहीं लेने का।

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून said...

अच्छी बात है, पंगे नहीं ही लेने चाहिये.

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger Pt. D.K. Sharma "Vatsa" said...

जमाना वाकई में बहुत खराब आ गया है...शुक्र मनाईये कि आप बचे हुए हैं. अगर कहीं पंगा लिया होता तो :-)

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger aarya said...

सादर!
क्या कहूँ उम्र में छोटा हूँ, लेकिन जब पिछवाड़े लटकी हो बन्दुक तो वाकई पंगे नहीं लेते \
रत्नेश त्रिपाठी

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

महँगाई पर सटीक और सार्थक लेखन!

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger दिलीप said...

sahi kaha sir pange lena matlab aafat mol lena...waise sundar abhivyakti....

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger honesty project democracy said...

सरे राह किसी को एक रूपये का सिक्का
भीख में देना चाहो,तो भिखमंगे नहीं लेते !
अब तो सारे भिखमंगे भ्रष्ट नेता हो गए हैं ..
इनको एक रुपया नहीं करोड़ों का खजाना मिल गये हैं ...
हाँ ये अलग बात है की आज सच्चाई और ईमानदारी भीख मांग रहें हैं ....

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger हास्यफुहार said...

बहुत सही है।

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

कि ये दुनिया सचमुच में बहुत खराब हो गई,
इसीलिये हम आजकल किसी से पंगे नहीं लेते !


पंगे ले कर ही तो दुनिया खराब हो गयी है... :):)

बढ़िया मुक्तक

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger Ra said...

हमने तो आज तक किसी से पंगा नहीं लिया ....एक बार उपरवाले से लिया था , नीचे भेज दिया,,,, भुगत रहे है !!!

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger मनोज कुमार said...

बढ़िया मुक्तक!

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger Udan Tashtari said...

बहुत सही...पंगे लेने का जमाना नहीं रहा!! :)

Thursday, 03 June, 2010  
Blogger शिवम् मिश्रा said...

सत्य वचन महाराज !

Friday, 04 June, 2010  
Blogger संगीता पुरी said...

पंगे लेना आसान नहीं .. दूर रहना ही अच्‍छा है !!

Friday, 04 June, 2010  
Blogger संजय भास्‍कर said...

इसीलिये हम आजकल किसी से पंगे नहीं लेते !!

बहुत खूब, लाजबाब !

Friday, 04 June, 2010  
Blogger अन्तर सोहिल said...

हम भी किसी से पंगे नहीं लेते जी

शानदार पंक्तियां
बहुत अच्छी लगी आज की यह पोस्ट

प्रणाम

Friday, 04 June, 2010  
Blogger arvind said...

ये दुनिया सचमुच में बहुत खराब हो गई,
इसीलिये हम आजकल किसी से पंगे नहीं लेते .....सुन्दर रचना

Friday, 04 June, 2010  
Blogger kunwarji's said...

hai baat me dam..
sahmat hai ham...

kunwar ji,

Friday, 04 June, 2010  
Blogger कविता रावत said...

गली से गुजरती इक मस्त-बयार कह रही थी
कि ये दुनिया सचमुच में बहुत खराब हो गई,
इसीलिये हम आजकल किसी से पंगे नहीं लेते !!
...satya vachan...

Friday, 04 June, 2010  
Blogger vandana gupta said...

चंद शब्दों मे ही गज़ब की बात कह दी।

Friday, 04 June, 2010  
Blogger Unknown said...

हमने तो अकसर आपको गद्दारों से पंगा लेते हुए देखा है।

Friday, 04 June, 2010  
Blogger शरद कोकास said...

बिलकुल ठीक करते हैं गोदियाल जी ।

Saturday, 05 June, 2010  
Blogger स्वप्न मञ्जूषा said...

Godiyal ji jab aap nahi lete panga to ham ka lenge...
bahut acchi kavita..
aapka aabhaar...!!

Saturday, 05 June, 2010  

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