रे मन !

मानसून का जोर, मूसलाधार बारिश, आंधी और तूफान बहुत हैं, पकडी है जो राह तूने  जिस डगर चला रहा है तू  अपनी कश्ती,  याद रखना,  उस डगर मे उफ़ान ब...