Thursday, October 26, 2023

भैंस, भैंस की बात ठहरी।

ना ही अभिमान करती, ना स्व:गुणगान गाती,

ना ही कोई घोटाला करती, न हराम का खाती,

स्वाभिमानी है, खुदगर्ज है, खुल्ले में न नहाती,

इसीलिए हमारी भैंस, कभी पानी में नहीं जाती।

पल-पल

क्या बताऊं कि ये  चोंतीस साल कैसे बीते, किस मुस्किल में  हर लम्हा गुजरा जीते-जीते, याद तो होगा तुमको कि मैंने  तुम्हें भी न्योता दिया था, जव...