पता नहीं,कब-कहां गुम हो गया
जिंदगी का फ़लसफ़ा,
न तो हम बावफ़ा ही बन पाए
और ना ही बेवफ़ा।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
पता नहीं,कब-कहां गुम हो गया
जिंदगी का फ़लसफ़ा,
न तो हम बावफ़ा ही बन पाए
और ना ही बेवफ़ा।
तुझे न पा सकने का मुझे मलाल तो था, क्यों न पा सका, दिल मे ये सवाल तो था, न पा सकने की चाहे वजह कोई भी रही हो, वो पल था,दिन था,महिना था औ...