...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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बंदिशें अपनी।
रातें अक्सर ही मुझसे सवाल किया करती हैं, और एक मैं हूं कि उनका जबाब ही नहीं देता, कभी नयन थकते थे, अब कदम थकनें लगे हैं, और कितना चल पाऊंगा...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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तमाम जंगल के बीहड़ों में जो कुछ घटित हो रहा हो, उससे क्या उस जंगल का राजा अंविज्ञ रह सकता है? या फिर यूं कहा जाए कि यदि उसे उसके राज्य मे...

हमारे पास बिरयानी की कमी थोड़े ही है. इस एफ डी आई को लाने वाले का स्वागत खूब करेंगे मुर्गा और बिरयानी से.
ReplyDeleteबिना एफ डी आई के भी तो आ रहे हैं ... अब कमसे कम ये चीजें लीगली आने अगेंगी ... जय तो सरकार की ...
ReplyDeleteबताईये, आपकी अर्थव्यवस्था पर कितना कार्य हो रहा है।
ReplyDeleteपाकिस्तान की मिलिट्री, इंटेलिजेंस, ब्र्युरोक्रेट्स और सो कॉल्ड बुद्धिजीवी भी कभी जर्दा और बिरयानी के आगे नहीं सोच सकेंगे।
ReplyDeleteआतंकवाद तेरे कितने रूप?
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