...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
हमारे पास बिरयानी की कमी थोड़े ही है. इस एफ डी आई को लाने वाले का स्वागत खूब करेंगे मुर्गा और बिरयानी से.
बिना एफ डी आई के भी तो आ रहे हैं ... अब कमसे कम ये चीजें लीगली आने अगेंगी ... जय तो सरकार की ...
बताईये, आपकी अर्थव्यवस्था पर कितना कार्य हो रहा है।
पाकिस्तान की मिलिट्री, इंटेलिजेंस, ब्र्युरोक्रेट्स और सो कॉल्ड बुद्धिजीवी भी कभी जर्दा और बिरयानी के आगे नहीं सोच सकेंगे।
आतंकवाद तेरे कितने रूप?
अपनी हर परेशानी का सबब, मैं तेरे मूंह पे फेंक देता, गर ये कश्ती का मुसाफिर 'परचेत', समंदर देख लेता।
हमारे पास बिरयानी की कमी थोड़े ही है. इस एफ डी आई को लाने वाले का स्वागत खूब करेंगे मुर्गा और बिरयानी से.
ReplyDeleteबिना एफ डी आई के भी तो आ रहे हैं ... अब कमसे कम ये चीजें लीगली आने अगेंगी ... जय तो सरकार की ...
ReplyDeleteबताईये, आपकी अर्थव्यवस्था पर कितना कार्य हो रहा है।
ReplyDeleteपाकिस्तान की मिलिट्री, इंटेलिजेंस, ब्र्युरोक्रेट्स और सो कॉल्ड बुद्धिजीवी भी कभी जर्दा और बिरयानी के आगे नहीं सोच सकेंगे।
ReplyDeleteआतंकवाद तेरे कितने रूप?
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