...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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दौर-ए-बदलाव
सांझ ढले, मेरे साथ बैठकर एक पैग व्हिस्की, कभी वो संग-सग पीती थी, जब न तो आभासी दुनिया थी, और ना ही वो इस कदर , अलग ही दुनियां में रहकर जीती...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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देशवासियों तुम हमें सत्ता देंगे तो हम तुम्हें गुजारा भत्ता देंगे। सारे भूखे-नंगों की जमात को, बिजली-पानी, कपड़ा-लत्ता देंगे। ...
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स्कूटर और उनकी पत्नी स्कूटी शहर के उत्तरी हिस्से में सरकारी आवास संस्था द्वारा निम्न आय वर्ग के लोगो के लिए ख़ासतौर पर निर्म...

बेचारा ....!
ReplyDeleteकजरी बेचारा ... अब पुलिस दिल्ली की उसे दे दो फिर देखो ... लगी हुयी लाइनें भी न तुडवा दे तो कजरी नहीं ...
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