...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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दरकार नहीं
मैं अभी सो रहा हूं, मर्जी के हिसाब से, मर्जी के हिसाब से मुझे जागना है, तुम मत रुको मेरे लिए, ऐ ज़िन्दगी, भाग लो, जितनी तेजी से तुम्हें भा...
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की य...
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देशवासियों तुम हमें सत्ता देंगे तो हम तुम्हें गुजारा भत्ता देंगे। सारे भूखे-नंगों की जमात को, बिजली-पानी, कपड़ा-लत्ता देंगे। ...

बेचारा ....!
ReplyDeleteकजरी बेचारा ... अब पुलिस दिल्ली की उसे दे दो फिर देखो ... लगी हुयी लाइनें भी न तुडवा दे तो कजरी नहीं ...
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