प्रलय जारी










चहुॅं ओर काली स्याह रात,

मेघ गर्जना, झमाझम बरसात,

जीने को मजबूर हैं इन्सान,

पहाड़ों पर पहाड़ सी जिंदगी,

फटते बादल, डरावना मंजर,

कलयुग का यह जल प्रपात।



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