Friday, February 14, 2020

सनमार्ग।


7 comments:

  1. पगडंडीयां यवो कच्चा रास्ता गाँव का पढ़ते वक्त बहुत याद आया.
    बहुत सुंदर रचना है.
    सुबह सुबह गाँव याद आ गया.

    आपकी रचना स्पष्ट पढने में नही आ रही है
    अक्सर सुस्पष्ट दिखे तो ज्यादा लोग पढ़ सकते हैं. कृपया संज्ञान लेवें.
    आभार.

    आइयेगा- प्रार्थना

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  2. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा रविवार(१६ -0२-२०२०) को 'तुम्हारे मेंहदी रचे हाथों में '(चर्चा अंक-१३३६) पर भी होगी
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का
    महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    **
    अनीता सैनी

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  3. बहुत सुन्दर

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  4. बहुत सुंदर सृजन

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लोन औन फोन...

  ऐ साहुकार, तु कर न  वसूली की तकरार, मुझे दिए हुए लोन पे, मन्ने तो मांगा नी था, लोन देने का कौल  तेरा ही आया था  भैया,  मेरे फोन पे ।