भाई जी ! बड़ी दूर की कौड़ी फैंकी आपने ! पर सटीक :-))) शुभकामनाएँ! इसपे अपना एक शे'र याद आ रहा है ...पर फिर कभी .. चलो आज ही सही .इसपे फिट बैठ रहा है ..? मुझे बताना जरूर .. अर्ज है : अब भी देते हो मुझे जीने की दुआएं क्या मेरे गुनाहों की फेहरिस्त इतनी लंबी है || ---अकेला
आज आपके ब्लॉग पर बहुत दिनों बाद आना हुआ. अल्प कालीन व्यस्तता के चलते मैं चाह कर भी आपकी रचनाएँ नहीं पढ़ पाया. व्यस्तता अभी बनी हुई है लेकिन मात्रा कम हो गयी है...:-)
आप तो कमाल के चित्रकार हैं...रचनाकार तो हैं ही...बेहतरीन. बधाई नीरज
ऐसा कुछ भी ख़ास है नहीं बताने को, अपने बारे में ! बस, यों समझ लीजिये कि गुमनामी के अंधेरो में ही आधी से अधिक उम्र गुजार दी !हाँ, अपनी बात कुछ भगत सिंह जी के अंदाज में इस तरह कहूंगा ;
इन बिगड़े दिमागों में, ख्वाबों के कुछ लच्छे हैं,
हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।
साभार,
गोदियाल
My humble request is to kindly ignore the typographical errors.
My fondest wish is to inspire someone else to write something even better than I have done.
Look forward to receiving your creative suggestions.
regards,
Godiyal
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20 Comments:
गजब भावाभिव्यक्ति ||
राहुल भईया लग रहे हैं ...
पर इतने लाजवाब शब्द उनके लिए तो आप नहीं लिख सकते ... :)
सटीक ..
भाई जी ! बड़ी दूर की कौड़ी फैंकी आपने !
पर सटीक :-)))
शुभकामनाएँ!
इसपे अपना एक शे'र याद आ रहा है ...पर फिर कभी ..
चलो आज ही सही .इसपे फिट बैठ रहा है ..?
मुझे बताना जरूर ..
अर्ज है : अब भी देते हो मुझे जीने की दुआएं
क्या मेरे गुनाहों की फेहरिस्त इतनी लंबी है ||
---अकेला
लाज़वाब प्रस्तुति...
:):)
गजब..
बहुत खूब ।
बेहतरीन अभिव्यक्ति ... ...
वाह...
आज आपके ब्लॉग पर बहुत दिनों बाद आना हुआ. अल्प कालीन व्यस्तता के चलते मैं चाह कर भी आपकी रचनाएँ नहीं पढ़ पाया. व्यस्तता अभी बनी हुई है लेकिन मात्रा कम हो गयी है...:-)
आप तो कमाल के चित्रकार हैं...रचनाकार तो हैं ही...बेहतरीन. बधाई
नीरज
बहुत खूब
बहुत उम्दा!
बहुत खूब .....
बहुत अच्छी..!!
लाज़वाब।
ज़रूर माफी मिल जाएगी ...सुंदर अभिव्यक्ति
बारीक़ रेखाओं से उद्धत ख्याल
शब्द एवं चित्र..दोनों का बेहतरीन ताल मेल..............
आभार उपरोक्त पोस्ट हेतु.
लाज़वाब...
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