...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
बहुत ख़ूबसूरत.
http://bulletinofblog.blogspot.in/2012/03/5.html
बहुत सुंदर...
हाँ, अब बाँसुरी कम, नगाड़ा अधिक बजता है।
सही कहा, यही पहचान हो गई है.
AAJ TO YUG HI ESKA HAE JO JITNA HALLA MACHAYEGA UTNA HI ATTENTION PAYEGASACHMUCH BAHUT HI SARTHAK RACHNA
सटीक व्यंग ।
करार व्यंग ...
·म शब्दों में अधि· और सारगर्भित बात।
कम शब्दों में अधिक और सारगर्भित बात।
sateek prastuti..
पर्व रंगों का है वेरंगीन बन, बैठा हूं बातें करता खुद से, कभी न जाने क्यों ऐसा लगे, हाथ धो बैठा हूं सुध-बुध से। मदहोश-बेखबर, था तो नहीं, दर...
बहुत ख़ूबसूरत.
ReplyDeletehttp://bulletinofblog.blogspot.in/2012/03/5.html
ReplyDeleteबहुत सुंदर...
ReplyDeleteहाँ, अब बाँसुरी कम, नगाड़ा अधिक बजता है।
ReplyDeleteसही कहा, यही पहचान हो गई है.
ReplyDeleteAAJ TO YUG HI ESKA HAE JO JITNA HALLA MACHAYEGA UTNA HI ATTENTION PAYEGA
ReplyDeleteSACHMUCH BAHUT HI SARTHAK RACHNA
सटीक व्यंग ।
ReplyDeleteकरार व्यंग ...
ReplyDelete·म शब्दों में अधि· और सारगर्भित बात।
ReplyDeleteकम शब्दों में अधिक और सारगर्भित बात।
ReplyDeletesateek prastuti..
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