...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
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स्वीकारोक्ति
हिम्मत ही नहीं रही जब, दिखाने को कुछ नया करके, फायदा ही क्या है 'परचेत', अब, अफसानें बयां करके।
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नोट: फिलहाल टिप्पणी सुविधा मौजूद है! मुझे किसी धर्म विशेष पर उंगली उठाने का शौक तो नहीं था, मगर क्या करे, इन्होने उकसा दिया और मजबूर कर द...
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देशवासियों तुम हमें सत्ता देंगे तो हम तुम्हें गुजारा भत्ता देंगे। सारे भूखे-नंगों की जमात को, बिजली-पानी, कपड़ा-लत्ता देंगे। ...
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स्कूटर और उनकी पत्नी स्कूटी शहर के उत्तरी हिस्से में सरकारी आवास संस्था द्वारा निम्न आय वर्ग के लोगो के लिए ख़ासतौर पर निर्म...
हम भी आपके स्वर में अपने स्वर मिलाते हैं !
ReplyDeleteनव वर्ष पर सुन्दर सार्थक कामना प्रस्तुति हेतु आभार!
ReplyDeleteआपको सपरिवार नए साल की हार्दिक मंगलकामनाएं!
सादर
आमीन ... नव वर्ष की मंगल कामनाएं ..
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