यूं भी बावफा होते है लोग !
ये दिल निसार करके जाना कि राहे जफा होते है लोग, सच में, हमें मालूम न था कि यूं भी बावफा होते है लोग ! सोचते थे कि नेमत है खुदा की ये जज्बा , इल्म न था कि वफ़ा की कस्मे खाने वाले, इस कदर बेवफा होते है लोग ! दिल और आँख का ऐसा आपसी देखा जो समन्वय 'परचेत', नजर देखे, दिल शकूं पाए, मनीषी ऐसे ही नफ़ा होते है लोग !
हम भी आपके स्वर में अपने स्वर मिलाते हैं !
ReplyDeleteनव वर्ष पर सुन्दर सार्थक कामना प्रस्तुति हेतु आभार!
ReplyDeleteआपको सपरिवार नए साल की हार्दिक मंगलकामनाएं!
सादर
आमीन ... नव वर्ष की मंगल कामनाएं ..
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