Tuesday, October 25, 2016

Because.....


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  1. हा हा मस्त ... मिस्त्री साहब गए ... क्या बात ...

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Yकीं

  रात गहरी बहुत है मगर,  यकीं रखो, हम सोएंगे नहीं। तूम रुलाने की जितनी भी कोशिश कर लो,  रोएंगे नहीं, बेदना के पार्क मे सन्नाटे संग  खामोशी भ...