Friday, November 19, 2021

'डेमोक्रेजी'

 कृषि सुधार 'व्हिस्की के पैग' का

तुम्ही बताओ सुरूर क्या था? 

वो 'साला' कानून अगर,

जितना बताया, 

उतना  ही काला था तो लाना जुरूर क्या था?

सालभर आते-जाते, दिल्ली की सीमाओं पर 

जिन्होंने दुर्गति झेली,

ऐ हुजूर, लगे हाथ यह भी बता देते, 

उनका कुसूर क्या था?

#आज जार्ज बरनार्ड शा फिर सही साबित हुए।



9 comments:

  1. आपकी लिखी रचना  ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" रविवार 21 नवम्बर 2021 को साझा की गयी है....
    पाँच लिंकों का आनन्द पर
    आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. सही,सटीक प्रश्न करती लाजवाब कृति ।

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  3. सटीक प्रशन्न!
    बहुत ही शानदार कृति!

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  4. बहुत बहुत ही सुंदर सराहनीय सृजन। Om Namah Shivay Images

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  5. आपने सीधे सवाल दागे हैं और घुमा-फिरा कर बात नहीं की, यही बात असर छोड़ती है। “व्हिस्की के पैग” वाला रूपक पूरी राजनीति की हालत खोल देता है। आपने कानून पर ही नहीं, नीयत पर भी उंगली रखी है।

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Straight!

Don't be confused, among peace, harmony  or war,  conflict, chaos, one among them  you have to choose,  two things are  only available r...