Thursday, March 31, 2022

मिथ्या

सनक किस बात की, 

जुनून किस बात का?

पछतावे की गुंजाइश न हो, 

शुकून किस बात का?







No comments:

Post a Comment

एहसास !

थप्पड खाकर वो 'डिस' उनकी यूं, थोड़ी हमने भी चख दी थी, बस, ग़लती यही रही हमारी कि दुखती रग पर उंगली रख दी थी।