टीस....







अक्सर , गम़ सदा ही मुखर रहे, 

खुशियों के राज मे,

फिर सिमट गये ख्वाब सारे,

उम्र की दराज़ मे।

Comments

  1. गागर में सागर। बहुत-बहुत बधाई आपको।

    ReplyDelete

Post a Comment