Friday, September 7, 2012

कार्टून कुछ बोलता है- एक रोबोट क्या खा सकता है ?

!
!
!
!
!
!
!
!
!
!
!
!
!
!
!


6 comments:

  1. बिजली खाने के लिए, है स्वतंत्र रोबोट |
    पन बिजली में आजकल, उत्तरांचल की चोट |
    उत्तरांचल की चोट, ताप बिजलीघर आये |
    है रो बो में खोट, नहीं कोयला चबाये |
    दस जनपथ पर टहल, टहल करता है घर के |
    बिजली रूपी कोल, तानता है भर भर के ||

    उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

    ReplyDelete
  2. कार्टून बोलता है. वास्तव में आपके कार्टून सामयिक, गहरी व मार्मिक बात कहते हैं. आभार !

    ReplyDelete
  3. सटीक व्यंग मारा है ... निशाने पे ...

    ReplyDelete
  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (09-09-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    ReplyDelete
  5. इस शोध के लिये एक नया विभाग खुले।

    ReplyDelete

मैट्रो के डिब्बों में 'आसन व्यवस्था' की नई परिकल्पना !

मैट्रो के डिब्बों में 'आसन व्यवस्था' की नई परिकल्पना ! (New concept of 'seating arrangement' in Metro coaches ! ) ...