Monday, March 9, 2026

हकीकत

उजागर न होने दिया हमने 

उजागर न करने के ऐब से,

वाकिफ बहुत खूब थे हम,

तुम्हारे छल और फरेब से।

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यकीं

रात गहरी है मगर यकीं रख, मैं सोऊंगा नहीं। तू, जितना मर्जी मुझे रुलाने की कोशिश कर, मगर, मैं  तनिक भी रोऊंगा नहीं, बेदना बहुत है इस दिल में म...