Wednesday, March 11, 2026

कश्मकश

सबब खामोशी, तेरा बहाना अच्छा है,

इश्क़ हुआ मगर इजहार न किया,

अंदाज़े मोहब्बत छुपाना अच्छा है,

शकुन बुरा ही सही, दिल जलाना अच्छा है।


1 comment:

सलाह!

मत दिया कर दोष तू हमको  दरारों में झांकने का , ऐ दोस्त! तेरी नादानियों का खामियाजा, भला ये, तमाम जमाना क्यों भुगते?