Friday, March 6, 2026

सफर अभी बाकी है।

अभी नहीं, सफ़र जब खत्म होने की दहलीज पर होगा, 

तभी सोचेंगे ऐ जिंदगी ! कि ज़ख्म कहां-कहां से मिले।


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तब्दीली

तेरी याद आना  गुज़रे जमाने की बात हो गई, पानी का गिलास  सामने टेबिल पर पड़ा देखकर, अब तो हिचकियों भी नहीं आती।