अभी नहीं, सफ़र जब खत्म होने की दहलीज पर होगा,
तभी सोचेंगे ऐ जिंदगी ! कि ज़ख्म कहां-कहां से मिले।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
मंजूर तेरी हर ख्वाहिश, भले ही तू मेरे पास मत रहना, बस, इतनी सी आरज़ू है , अकेले तू उदास मत रहना।
सही बात
ReplyDeleteNice Post.
ReplyDeletebest whisky in Bangalore under 1000