Saturday, March 21, 2026

अंदाज!

मेरी डांडी-कांठियों का मुलुक ज्यैल्यू,

Go there in the spring.

हैरा बण मा बुरांश का फूल

जब बण मा आग  लगाणा होला,

भीटा पाखों थैं फ्योलिं का फूल, 

पिन्ग्ला रंग मा रंग्याणा होला ..

लाइयां पैयां ग्वीराल फूलु ना,

The earth will be decorated,
Go there and sing.

2 comments:

कुपत

तुम्हें पाने की चाह में मुद्दतों बैठे रहे हम, तुम्हारे बाप के पास, घंटों पैर दबाए मगर क्या मजाल कि  बुड्ढे को हुआ हो जरा भी एहसास।