उजागर न होने दिया हमने
उजागर न करने के ऐब से,
वाकिफ बहुत खूब थे हम,
तुम्हारे छल और फरेब से।
...............नमस्कार, जय हिंद !....... मेरी कहानियां, कविताएं,कार्टून गजल एवं समसामयिक लेख !
मैंने ख्वाब देखा था, ख्वाहिश अधूरी रही, चाटने वाले चाट गए, प्लेट साफ पूरी रही।
सुंदर
ReplyDelete🙏🙏
ReplyDeleteNice Post.
ReplyDeletelucky car colour according to rashi